भारत मे लोग गाय रछक बनकर अपना अपना दम दिखा रहे है। राजनितिक पार्टिया भी अपना अपना मौका देख कर अपनी राजनीति की रोटी सेकने लगती है। ये कोई नही देख रहा की Rio मे हमारे भारतीय खिलाड़ी कितने मेडल ला रहे है। एक नजरिये से देखा जाये तो इसके लिए सरकार भी जुमेदार है। लोग ये तो देख रहे है। की गाय हमारी माता है। लेकिन ये नही देख रहे की वर्ल्ड मे हमारी लुटिया वहुत सालों से डुवती ही आ रही है।
ओलंपिक मे जाने बाला हर भारतीय खिलाड़ी अपने पूरे देश को रिप्रजेंट करता है। उसी से हमारे देश की पहचान बनती है। वहुत दुख की बात है। की राजनीतिक पार्टिया इसको कभी मुद्दा नही बनती है। जो मुद्दे बनते है वो इस प्रकार है। गाय हमारी माता है। उसने जय माता दी क्यों नही बोला। ये मुद्दे बनते है।
उदाहरण के तौर पर चीन को ओर भारत को आज़ाद हुए लग भाग समान time हुआ है। लेकिन चीन मेडल पर मेडल जीत रहा है। हम आज भी मेडल के लिए तरस रहे है। मुद्दे ऐसे होने चाहिए जो देश को उनति की ओर ले जाये।
भारत एक देश के रूप मे वहुत ही शक्तिशाली देश है। लेकिन यहां हर चीज मे राजनीति घुसी हुई है। जब सिस्टम सही नही होगा तब हम ऐसे ही मेडल के लिए तरसते रहेंगे।
भारत मे किसी चीज की कमी नही है। कमी है तो बस सिस्टम मे जो चीजे को सही से लागू नही कर पता है।
यहां एक सबसे बड़ी कमी है। मौका भी यहा खिलाड़ी की जाति को देखकर मिलता है। ये चीजे जब तक है। तब तक हम आपने देश की शाक्ति का सही इस्तेमाल नही हो सकता सरकार को खिलाड़ियों को भी प्रोसहित करने के लिए भी इसकिमस चलानी चाहिए।
जो भी खिलाड़ियो की तयारी मे खर्च आये उसको भी वाहन करना चाहिए। खिलाडीयो को मोटिवेट करने के लिए उनको ट्रेंड कोच भी मिलने चाहिए कुल मिलाकर सरकार को इस विषय मे अधिक ध्यान देने की जरूरत है। हम आगे आने बाले ओलम्पिकस मे ओर अच्छा कर सकते है।।

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